हमने काटों को भी नरमी से छुआ हैं लेकिन,
लोग बेदर्द हैं, फूलों को भी मसल देते हैं....
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उनकी याद, उनकी तमन्ना, उनका गम॥
कट रही हैं जिंदगी आरामसे....
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उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो,
न जाने किस गली में जीन्दगी की शाम हो जाय...
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न कोई वादा, न कोई यकीं, न कोई उम्मीद
मगर हमें तो तेरा इंतजार करना था....
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